IPL का मायाजाल जब रातों-रात बने करोड़पति गुमनामी के अंधेरे में खो गए, इन 5 सितारों का दर्द आपको भी चौंका देगा

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Javed Haider Zaidi

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Famous cricketers Pawan Negi, Tymal Mills, Varun Chakaravarthy, Jaydev Unadkat, and Kyle Jamieson

“बैंक बैलेंस तो बढ़ा पर मैदान पर ‘जीरो’ साबित हुए ये सितारे, नीलामी के वो 5 नाम जो आज गुमनामी के अंधेरे में हैं।”IPL Auction Flashback: नीलामी के मंच पर करोड़ों की बोली तो लगी, लेकिन मैदान की हकीकत ने इन खिलाड़ियों का करियर ही बदल डाला। जानिए उन सितारों की कहानी जिन्हें ‘प्राइस टैग’ का भारी बोझ ले डूबा।

नई दिल्ली (स्पोर्ट्स डेस्क): इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की चकाचौंध जितनी सुनहरी दिखती है, इसके पीछे का सच उतना ही कड़वा भी है। हर साल नीलामी में कुछ खिलाड़ियों की किस्मत चमकती है, उन्हें ‘करोड़पति’ का टैग मिलता है और वो रातों-रात दुनिया की सुर्खियों में आ जाते हैं। लेकिन क्या पैसा हमेशा प्रदर्शन की गारंटी देता है?

इतिहास गवाह है कि कई बार भारी-भरकम बैंक बैलेंस इन सितारों के लिए ‘वरदान’ नहीं बल्कि ‘बोझ’ बन गया। आज हम उन 5 खिलाड़ियों की बात कर रहे हैं जिन्होंने नीलामी में तो खलबली मचाई, लेकिन मैदान पर उनकी चमक ऐसी फीकी पड़ी कि आज वे गुमनामी के साये में हैं।

1. Pawan Negi: वह ‘गोल्डन बॉय’ जिसे नजर लग गई

साल 2016 की नीलामी को कोई नहीं भूल सकता जब दिल्ली डेयरडेविल्स ने पवन नेगी पर 8.5 करोड़ रुपये की बारिश की थी। वह उस समय के सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी बनकर उभरे थे। उम्मीद थी कि नेगी बल्ले और गेंद से गदर मचाएंगे, लेकिन दबाव ऐसा था कि पूरे सीजन में उनके बल्ले से केवल 57 रन निकले। आज पवन नेगी का नाम क्रिकेट की मुख्यधारा से लगभग गायब है।

2. Tymal Mills: करोड़ों की कीमत और किस्मत की चोट

2017 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इंग्लैंड के इस तेज गेंदबाज को 12 करोड़ रुपये में खरीदकर सबको चौंका दिया था। मिल्स अपनी ‘स्लोअर बॉल्स’ के लिए मशहूर थे, लेकिन IPL की पिच पर उनकी चाल ही धीमी पड़ गई। खराब फिटनेस और प्रदर्शन के चलते वे फिर कभी किसी फ्रेंचाइजी की पहली पसंद नहीं बन सके।

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3. Varun Chakaravarthy (2019): जब ‘मिस्ट्री’ ने ही दिया धोखा

किंग्स इलेवन पंजाब ने वरुण चक्रवर्ती को 8.4 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि में खरीदा था। ‘मिस्ट्री स्पिनर’ के रूप में मशहूर वरुण से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन एक ही मैच के बाद वे चोटिल होकर बाहर हो गए। हालांकि उन्होंने बाद में वापसी की, लेकिन उस सीजन के ‘प्राइस टैग’ ने उनकी साख को जो चोट पहुंचाई थी, उसकी टीस आज भी महसूस की जाती है।

4. Jaydev Unadkat: बोली का दबाव और फैंस का गुस्सा

उनादकट IPL इतिहास के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में हैं जिन पर बार-बार करोड़ों लुटाए गए। साल 2018 में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 11.5 करोड़ में खरीदा। उनादकट विकेट तो लेते रहे, लेकिन उनकी ‘इकोनॉमी’ और ‘डेथ ओवर्स’ में रन लुटाने की आदत ने उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार बना दिया। करोड़ों की सैलरी के बावजूद वे उस भरोसे को कभी नहीं जीत पाए जो एक मैच विनर से की जाती है।

5. Kyle Jamieson: कीवी रफ्तार जो फीकी पड़ गई

न्यूजीलैंड के 6 फीट 8 इंच लंबे इस गेंदबाज पर 2021 में RCB ने 15 करोड़ रुपये का दांव खेला था। टेस्ट क्रिकेट में तहलका मचाने वाले जेमिसन IPL के छोटे फॉर्मेट में लय खो बैठे। न गेंद से धार दिखी और न बल्ले से कमाल। नतीजा यह हुआ कि इतनी बड़ी रकम पाने वाला खिलाड़ी आज IPL की बड़ी चर्चाओं से पूरी तरह बाहर है।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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