गोली, सिंगापुर अस्पताल और अचानक मौत… क्यों गूंजने लगे भारत विरोधी नारे?
ढाका। बांग्लादेश में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन से जुड़े युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में एक बार फिर अशांति फैल गई है। राजधानी ढाका, राजशाही और आसपास के इलाकों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उस्मान हादी पर हमला करने वाले आरोपी भारत भाग गए हैं। इस दौरान कई जगहों पर भारत विरोधी नारे भी लगाए गए, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई।
जानकारी के अनुसार, हादी को कुछ दिन पहले ढाका में गोली मारी गई थी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में सिंगापुर ले जाया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादी 2024 में हुए लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का एक जाना-माना चेहरा थे और युवाओं के बीच उनकी खास पकड़ मानी जाती थी।
राजशाही में प्रदर्शनकारियों ने भारतीय राजनयिक मिशन की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसे सुरक्षा बलों ने रोक दिया। वहीं, ढाका में भारतीय उप-उच्चायुक्त के आवास के बाहर भी तनाव की स्थिति देखी गई। एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

इस बीच हालात उस समय और बिगड़ गए, जब प्रदर्शनकारियों ने ढाका में स्थित कुछ प्रमुख मीडिया संस्थानों के दफ्तरों को निशाना बनाया। प्रोथोम आलो और द डेली स्टार जैसे समाचार पत्रों के कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में कई कर्मचारियों के फंसे होने की भी खबरें हैं।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने स्थिति पर चिंता जताते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है। सरकार ने उस्मान हादी की मौत की जांच का आश्वासन दिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
फिलहाल देश के कई हिस्सों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।