महाराष्ट्र के युवाओं के लिए बड़ी राहत: महाराष्ट्र में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी और लंबे समय से इंतजार की गई खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार जल्द ही एक नया राज्यव्यापी भर्ती सिस्टम लागू करने जा रही है, जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से 70,000 से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि यह भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता, योग्यता और आधुनिक प्रशासनिक सुधारों पर आधारित होगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रस्तावित भर्तियों में से करीब 50,000 पद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के माध्यम से भरे जाएंगे, जबकि शेष लगभग 20,000 पद MPSC के दायरे से बाहर रहेंगे और अन्य अधिकृत एजेंसियों के जरिए नियुक्त किए जाएंगे। यह कदम राज्य के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
नए भर्ती सिस्टम के तहत होंगे सुधार
मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis (देवेन्द्र फडणवीस) ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भर्ती से जुड़े सभी फैसले आवश्यक स्किल्स, सेवा प्रवेश नियमों, योग्यता मानकों और कार्य की प्रकृति को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। इसी सिलसिले में सोमवार को सेवा प्रवेश नियमों में सुधार को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें चीफ सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल सहित राज्य प्रशासन के सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव मौजूद रहे।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि वर्तमान नियमों को समयानुकूल और व्यावहारिक बनाने की जरूरत है। सेवा प्रवेश नियमों में प्रस्तावित बदलावों को जल्द ही कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के जरूरी विभागों में ऑल-राउंड प्रशासनिक सुधार तेजी से लागू किए जाने चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
फडणवीस ने निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए गैर-जरूरी दस्तावेजों की मांग, लंबी कतारों और अनावश्यक देरी से बचा जाए। इसके लिए एक पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटल वेरिफिकेशन मॉडल विकसित करने पर फोकस किया जाएगा, जिससे उम्मीदवारों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
राष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र मॉडल की सराहना
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित चीफ मिनिस्टर्स कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र सरकार द्वारा पेश किए गए ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट मॉडल की देशभर में सराहना हुई है। अन्य राज्यों को भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जिससे महाराष्ट्र गवर्नेंस रिफॉर्म्स के क्षेत्र में एक मार्गदर्शक उदाहरण बनकर उभरा है।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में एक मजबूत, भरोसेमंद और तेज प्रशासनिक व्यवस्था तैयार की जाए। अगले वर्ष महाराष्ट्र में एक नया गवर्नेंस रिफॉर्म मॉडल लागू करने की योजना है, जिसमें हर विभाग की सक्रिय भूमिका होगी। इसके लिए चीफ सेक्रेटरी और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।