Silver Price Today: देशभर के सर्राफा बाजार में आज चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। लंबे समय से ऊंचे स्तर पर चल रही चांदी एक झटके में करीब 10,000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई है। इस अचानक आई गिरावट से जहां निवेशकों में हलचल बढ़ी है, वहीं आम खरीदारों के लिए इसे राहत की खबर माना जा रहा है।
आज के कारोबारी सत्र में चांदी के भाव दबाव में नजर आए। घरेलू बाजार के साथ-साथ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान बिकवाली बढ़ने से चांदी के दाम तेजी से नीचे फिसले। बाजार जानकारों का कहना है कि हाल के दिनों में चांदी की कीमतों में अच्छी बढ़त देखने को मिली थी, ऐसे में निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसका सीधा असर दामों पर पड़ा।
सर्राफा बाजार से मिली जानकारी के मुताबिक आज देश के प्रमुख शहरों में 1 किलो चांदी का भाव करीब 2 लाख 85 हजार रुपये के आसपास दर्ज किया गया। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, पटना, जयपुर, इंदौर और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में भी चांदी के रेट लगभग इसी स्तर पर कारोबार करते दिखे। वहीं 100 ग्राम चांदी का भाव करीब 28,500 रुपये के आसपास रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट पूरी तरह अचानक नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुझान, डॉलर में मजबूती और औद्योगिक मांग को लेकर बनी अनिश्चितता का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है। इसके अलावा हाल के दिनों में चांदी में आई तेज तेजी के बाद कीमतों का नीचे आना बाजार की स्वाभाविक प्रक्रिया मानी जा रही है।
निवेश के नजरिए से देखें तो कुछ विशेषज्ञ इस गिरावट को खरीदारी का मौका भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि अगर लंबे समय के लिए निवेश करना है तो मौजूदा स्तर पर चांदी आकर्षक हो सकती है। हालांकि वे यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेश से पहले बाजार के रुझान और अपने बजट को जरूर ध्यान में रखें।
उधर, आम लोगों के लिए चांदी के सस्ते होने का सीधा फायदा शादी-विवाह और त्योहारों की खरीदारी में मिल सकता है। चांदी के सिक्के, गहने और बर्तन खरीदने वालों के लिए मौजूदा गिरावट राहत लेकर आई है। कारोबारियों का कहना है कि अगर दाम इसी तरह नीचे बने रहते हैं तो आने वाले दिनों में बाजार में मांग बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर आज चांदी की कीमतों में आई यह बड़ी गिरावट बाजार के लिए अहम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में चांदी का रुख अंतरराष्ट्रीय संकेतों, डॉलर की चाल और घरेलू मांग पर निर्भर करेगा। ऐसे में खरीदारों और निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे ताजा भाव पर नजर बनाए रखें और सोच-समझकर फैसला लें।