7 फरवरी को Uber, Ola और Rapido ड्राइवर्स की देशव्यापी हड़ताल, यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें; जानिए ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ की पूरी वजह और मांगें

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Javed Haider Zaidi

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देश के एक बड़े शहर की सड़क पर Uber, Ola और Rapido से जुड़े ड्राइवर्स का विरोध प्रदर्शन, सामने खड़ी कैब और बाइक टैक्सी, पीछे हाथ उठाए नारेबाजी करता ड्राइवरों का बड़ा समूह, धुंधला शहरी परिवेश और फ्लाईओवर दिखाई देता हुआ।

अगर आप रोज़ाना की यात्रा के लिए Uber, Ola या Rapido जैसी ऐप-आधारित कैब सेवाओं पर निर्भर रहते हैं, तो 7 फरवरी का दिन आपके लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। देशभर में इन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े ड्राइवर्स ने एक साथ काम बंद करने का ऐलान किया है। इस हड़ताल को ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नाम दिया गया है, जिसके चलते कई शहरों में कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी सेवाएं आंशिक या पूरी तरह ठप हो सकती हैं।

इस हड़ताल का सीधा असर ऑफिस जाने वाले यात्रियों, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पहुंचने वालों और रोजमर्रा के कामों के लिए कैब पर निर्भर लोगों पर पड़ने की आशंका है।

क्या है ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’?

यह देशव्यापी हड़ताल तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) के आह्वान पर बुलाई गई है, जिसे अन्य राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। यूनियन का कहना है कि ऐप-आधारित ड्राइवर्स लंबे समय से अस्थिर आमदनी, बढ़ते खर्च और किसी तरह की सामाजिक सुरक्षा के बिना काम करने को मजबूर हैं।

यूनियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ड्राइवर्स के लिए न तो न्यूनतम किराया तय है और न ही कोई ठोस रेगुलेशन, जिससे उनका लगातार शोषण हो रहा है। इसी के विरोध में 7 फरवरी को ड्राइवर एकजुट होकर काम बंद करेंगे।

ड्राइवर्स हड़ताल पर क्यों जा रहे हैं?

ड्राइवर संगठनों का आरोप है कि Uber, Ola, Rapido जैसे एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर सरकार द्वारा तय न्यूनतम किराया व्यवस्था लागू नहीं है। कंपनियां अपने एल्गोरिद्म और नीतियों के आधार पर किराया तय करती हैं, जिससे ड्राइवरों की कमाई अस्थिर और अनिश्चित हो जाती है।

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यूनियन ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र में कहा है कि मौजूदा सिस्टम के कारण ड्राइवरों को कम आमदनी, ईंधन और मेंटेनेंस का बढ़ता खर्च और भविष्य को लेकर असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। उनका दावा है कि लाखों ड्राइवर गरीबी की कगार पर पहुंच रहे हैं, जबकि प्लेटफॉर्म कंपनियों का मुनाफा लगातार बढ़ रहा है।

सरकार से ड्राइवर्स की प्रमुख मांगें

ड्राइवर यूनियनों ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस, 2025 का हवाला देते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

न्यूनतम बेस किराया तय किया जाए:
कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी जैसी ऐप-आधारित सेवाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकारें न्यूनतम बेस फेयर तय करें। यह किराया ड्राइवर यूनियनों से परामर्श के बाद निर्धारित किया जाए, ताकि ड्राइवरों की आमदनी स्थिर रह सके।

निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर नियंत्रण:
यूनियन की मांग है कि निजी (नॉन-कमर्शियल) वाहनों को व्यावसायिक परिवहन में इस्तेमाल करने पर रोक लगाई जाए या उन्हें अनिवार्य रूप से कमर्शियल श्रेणी में बदला जाए, ताकि नियमों में समानता बनी रहे।

ड्राइवरों की आजीविका की सुरक्षा:
किराया संरचना, कमीशन और इंसेंटिव सिस्टम को पारदर्शी बनाया जाए, जिससे ड्राइवरों को उनके काम का उचित और समय पर भुगतान मिल सके।

यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?

7 फरवरी को हड़ताल के चलते Uber, Ola और Rapido की सेवाएं कई शहरों में बाधित हो सकती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर सुबह और शाम के पीक आवर्स में देखने को मिल सकता है, जब ऑफिस आने-जाने वालों की संख्या अधिक होती है।

यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे उस दिन मेट्रो, बस, लोकल ट्रेन या निजी वाहन जैसे वैकल्पिक साधनों की योजना पहले से बना लें। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।

क्या पूरे देश में दिखेगा हड़ताल का असर?

यूनियन का दावा है कि यह हड़ताल पूरे भारत में होगी, हालांकि इसका असर हर राज्य और शहर में अलग-अलग हो सकता है। कुछ जगहों पर सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं, जबकि कहीं आंशिक संचालन जारी रह सकता है।

आगे क्या?

अगर सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों के बीच बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता है, तो ड्राइवर यूनियनों ने भविष्य में और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, यात्री इस टकराव के बीच फंसे नजर आ रहे हैं, जिन्हें अपनी रोजमर्रा की आवाजाही के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने होंगे।

7 फरवरी को यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए यह दिन सतर्क रहने का है, क्योंकि ऐप-आधारित कैब सेवाओं की उपलब्धता अनिश्चित रह सकती है।

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पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन, सीएम योगी ने लिया तैयारियों का जायजा

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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे

नोएडा में बने नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हवाई अड्डे का निरीक्षण किया और उद्घाटन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हवाई अड्डे का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे, जिससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के लिए हवाई यातायात में नई गति आने की संभावना है।

जेवर स्थित हवाई अड्डे का दौरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली बैठक में अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की रूपरेखा, सुरक्षा योजना, जनसभा के लिए संभावित संख्या, बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियों की जानकारी दी।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां

सीएम योगी ने हवाई अड्डे और जनसभा स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और विशेष सचिव ईशान प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पार्किंग और जनसभा व्यवस्थाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसभा स्थल पर पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से बनाई जाए। इसके अलावा, सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉक्टर महेश शर्मा, प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेघा रूपम, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड के CEO क्रिस्टोफ श्रेलमैन और COO किरण जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए हवाई यात्रा और वाणिज्यिक अवसरों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डे के शुरू होने से व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की यातायात सुविधा में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिलेगा।

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