भीषण जल संकट की ओर दिल्ली: दिल्ली एक बार फिर गंभीर जल संकट की ओर बढ़ती नजर आ रही है। हरियाणा की ओर से जल आपूर्ति डायवर्ट किए जाने और दिल्ली ब्रांच नहर से कच्चा पानी नहीं मिलने के कारण राजधानी के बड़े हिस्से में अगले दो सप्ताह तक जलापूर्ति बुरी तरह प्रभावित रहने वाली है। इसका सीधा असर बाहरी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के दर्जनों इलाकों पर पड़ेगा।
क्या है जल संकट की बड़ी वजह
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अनुसार, हरियाणा सिंचाई एवं जल संरक्षण विभाग ने 19 जनवरी को पत्र के माध्यम से जानकारी दी कि 20 जनवरी से 4 फरवरी तक सीएलसी (कैरियर लाइन चैनल) से वज़ीराबाद की ओर अधिकतम संभव कच्चे पानी को डायवर्ट किया गया है। इस दौरान डीएसबी (दिल्ली सब ब्रांच) नहर के माध्यम से दिल्ली को कोई कच्चा पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
इसी कारण हैदरपुर ट्रीटमेंट प्लांट फेज-1, फेज-2, बवाना, द्वारका और नांगलोई जल शोधन संयंत्रों में पानी का उत्पादन कम करना पड़ा है।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा असर
जल बोर्ड के मुताबिक, बाहरी और पश्चिमी दिल्ली के तीन दर्जन से अधिक इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित रहेगी। इनमें प्रमुख रूप से पीतमपुरा, शालीमार बाग, रोहिणी के कई सेक्टर, बवाना, नरेला, किराड़ी, मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, राजौरी गार्डन, राजा गार्डन, कीर्ति नगर, मायापुरी, जनकपुरी, तिलक नगर, हरि नगर, दिल्ली कैंट, पालम, महिपालपुर, सागरपुर, वसंत विहार, पश्चिम विहार, सदर बाजार सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में लगभग दो सप्ताह तक पानी की आपूर्ति बाधित रह सकती है।
दिल्ली जल बोर्ड की अपील
दिल्ली जल बोर्ड ने स्थिति को गंभीर बताते हुए लोगों से पानी का विवेकपूर्ण और समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। बोर्ड का कहना है कि हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार जल आपूर्ति को युक्तिसंगत बनाने की कोशिश की जा रही है। स्थिति में सुधार होने तक संबंधित संयंत्रों से पानी का उत्पादन सीमित रखा जाएगा।
टैंकर से पानी चाहिए तो यहां करें संपर्क
जल संकट के दौरान टैंकरों की मांग और अन्य जल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। उपभोक्ता केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से 1916, 011-23527679 और 011-23634469 पर संपर्क कर सकते हैं।