26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड 2026: क्या ले जा सकते हैं, क्या प्रतिबंधित है और सुरक्षा नियमों की पूरी जानकारी

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Javed Haider Zaidi

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26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड में दर्शक और सुरक्षा जांच करते कर्मचारी

26 जनवरी का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का दिन है। इस दिन भारत ने अपना संविधान अपनाया और एक संपूर्ण गणराज्य बन गया। हर साल इस मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड आयोजित की जाती है।

इस परेड में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, वीवीआईपी और विदेशी मेहमान शामिल होते हैं। आम जनता के लिए यह अनुभव यादगार होता है, लेकिन सुरक्षा के कारण कई नियम भी कड़े होते हैं।

परेड देखने के लिए जरूरी चीज़ें

अगर आप भी 26 जनवरी की परेड देखने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी चीज़ें अपने साथ रखें:

  • वैध टिकट – एंट्री के लिए जरूरी
  • सरकारी फोटो पहचान पत्र – आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड
  • मोबाइल फोन – व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए
  • जरूरी दवाइयां – स्वास्थ्य के लिए जरूरी
  • छोटी पानी की बोतल – हाइड्रेटेड रहने के लिए

ध्यान रखें, छोटा बैग रखने से सुरक्षा जांच जल्दी पूरी होती है और लंबी लाइन में खड़े होने से बचा जा सकता है।

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परेड में ले जाने पर रोक

सुरक्षा कारणों से कुछ चीज़ें परेड में ले जाना पूरी तरह मना है। इनमें शामिल हैं:

  • नुकीली वस्तुएं – चाकू, ब्लेड, कैंची, नेल-कटर
  • धूम्रपान और नशा करने वाली चीज़ें – सिगरेट, गुटखा, तंबाकू, शराब
  • ज्वलनशील वस्तुएं – माचिस, लाइटर
  • बड़े बैग या खाने-पीने का सामान
  • ड्रोन, प्रोफेशनल कैमरा या रिकॉर्डिंग डिवाइस

अगर आपके पास इनमें से कोई सामान होगा तो आपको गेट पर ही रोका जा सकता है।

सुरक्षा जांच के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

  • केवल तय किए गए एंट्री और एग्जिट गेट का इस्तेमाल करें
  • पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें
  • बिना अनुमति फोटो या वीडियो न बनाएं
  • बहुत ज्यादा जेब या लेयरिंग वाले कपड़े न पहनें

सुरक्षा जांच के दौरान धैर्य रखें। सुरक्षा कर्मियों के सहयोग से ही परेड का अनुभव सुरक्षित और यादगार बनता है।

छोटा बैग, बड़ी तैयारी

दर्शकों को सलाह दी जाती है कि केवल जरूरी सामान ही अपने साथ रखें। छोटे बैग में टिकट, पहचान पत्र, मोबाइल, पानी और दवाइयां रखें। इससे न केवल सुरक्षा जांच आसान होगी, बल्कि आप जल्दी परेड का आनंद ले पाएंगे।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए सीटिंग और सुरक्षा की जानकारी पहले से जान लेना फायदेमंद होगा। मौसम के अनुसार कपड़े पहनें और पर्याप्त पानी पीते रहें।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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Javed Haider Zaidi

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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