Gold-Silver Prices: सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। शुक्रवार को घरेलू वायदा बाजार MCX में कारोबार की शुरुआत के साथ ही दोनों कीमती धातुओं पर दबाव नजर आया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई कमजोरी का असर सीधे घरेलू कीमतों पर पड़ा, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर में मजबूती, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली के कारण सोने-चांदी के दाम फिसले हैं।
MCX पर सोना-चांदी के ताजा भाव
घरेलू वायदा बाजार MCX पर चांदी में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
- MCX Silver (मार्च वायदा):
चांदी की कीमत 2,700 रुपये से ज्यादा टूट गई। यह 2,91,565 रुपये के स्तर से फिसलकर करीब 2,88,824 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। यानी इसमें करीब 0.94% की गिरावट दर्ज की गई। - MCX Gold (फरवरी वायदा):
सोना भी दबाव में रहा और इसमें 372 रुपये की गिरावट आई। सोना घटकर 1,42,743 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो पहले 1,43,115 रुपये था। प्रतिशत के लिहाज से इसमें करीब 0.26% की कमजोरी दर्ज हुई।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखी कमजोरी
केवल घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सोने-चांदी के दाम दबाव में नजर आए।
- हाजिर सोना (Spot Gold):
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 0.29% गिरकर 4,602.43 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। - चांदी (Spot Silver):
चांदी में भी गिरावट रही और यह करीब 0.8% टूटकर 91.69 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
सोने-चांदी में गिरावट की बड़ी वजहें
1. डॉलर इंडेक्स में मजबूती
अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 99.49 के स्तर पर पहुंच गया, जो दिसंबर की शुरुआत के बाद का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। मजबूत डॉलर की वजह से सोना-चांदी जैसी कीमती धातुएं महंगी हो जाती हैं, जिससे मांग पर असर पड़ता है।
2. भू-राजनीतिक तनाव में कमी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर नरम रुख ने भी बाजार की धारणा बदली है। ट्रंप ने संकेत दिए कि ईरान पर तुरंत सख्त टैरिफ नहीं लगाए जाएंगे और बातचीत के रास्ते खुले रहेंगे। इससे वैश्विक तनाव कुछ कम हुआ और सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने-चांदी की मांग घटी।
3. मुनाफावसूली का दबाव
हाल ही में चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में 93.57 डॉलर प्रति औंस के अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंची थी। इसके बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।
आगे क्या हो सकता है सोने-चांदी का रुख?
बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों की नजर अब अमेरिका से जुड़े अहम घटनाक्रमों पर टिकी है।
विशेष रूप से:
- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ से जुड़े फैसले
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर संकेत
यदि आने वाले समय में महंगाई के आंकड़े नियंत्रण में रहते हैं, तो फेड साल के अंत तक ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। ऐसे में सोने-चांदी को दोबारा समर्थन मिल सकता है और कीमतों में सुधार देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में लंबी अवधि के निवेशक गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में देख सकते हैं, जबकि अल्पकालिक निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बाजार की दिशा फिलहाल वैश्विक संकेतों और डॉलर की चाल पर निर्भर करेगी।