यूपी में ठंड का कहर जारी: घना कोहरा बना आफत! 60 से ज्यादा जिलों में ऑरेंज–येलो अलर्ट, जानिए कब बदलेगा मौसम

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Javed Haider Zaidi

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उत्तर प्रदेश मौसम समाचार 17 जनवरी 2026, घने कोहरे और ठंड के कारण ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

यूपी में ठंड का कहर जारी: उत्तर प्रदेश में सर्दी ने अब अपने तेवर और तेज कर दिए हैं। जनवरी की कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार, 17 जनवरी 2026 के लिए प्रदेश का ताज़ा मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए साफ चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिन लोगों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
राज्य के अधिकांश जिलों में घना कोहरा, बेहद कम दृश्यता और शीत दिवस (Cold Day) की स्थिति बनी रहने की आशंका है। हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने 60 से ज्यादा जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी इलाकों से आ रही सर्द हवाओं के कारण ठंड और ज्यादा बढ़ गई है। सुबह और रात के समय दृश्यता कई जगहों पर 10 से 20 मीटर तक सिमट सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ने की संभावना है।

घना कोहरा बना सबसे बड़ी परेशानी

प्रदेश के शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सुबह के वक्त कोहरे की मोटी चादर छाई हुई है। कई जगहों पर सूरज निकलने के बावजूद दोपहर तक धूप नहीं निकल पा रही, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति सिर्फ ठंड ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ा सकती है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों के लिए।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट, दृश्यता लगभग शून्य

मौसम विभाग ने जिन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहां घना से बहुत घना कोहरा छाने और दृश्यता लगभग शून्य रहने की आशंका है—

प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर,
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया,
बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं और आसपास के इलाके।

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इन जिलों में वाहन चालकों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि कोहरे के कारण हादसों का खतरा बढ़ सकता है।

इन जिलों में येलो अलर्ट, ठंड और कोहरे का असर

इसके अलावा कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां घना कोहरा और शीत दिवस की स्थिति बन सकती है—

बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, जालौन और हमीरपुर।

तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी दिनभर धूप न निकलने से ठंड ज्यादा महसूस की जा सकती है।

IMD का बड़ा अपडेट: आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में फिलहाल ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं—

  • अगले 2 दिनों तक कई जिलों में शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रह सकती है।
  • 19 जनवरी तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 20 जनवरी तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रहेगा।
  • 21 जनवरी को भी पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में कोहरे का असर बना रह सकता है।
  • 22 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।

मौसम विभाग की सलाह: सतर्कता ही बचाव

IMD ने लोगों से अपील की है कि—

  • कोहरे के दौरान हाईवे पर वाहन चलाते समय स्पीड कम रखें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।
  • सुबह-शाम अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं।
  • खुले में काम करने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें।
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8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: राज्यसभा में वित्त मंत्रालय ने दी जानकारी, कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में होगी समीक्षा

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"8वें वेतन आयोग 2026 अपडेट: केंद्र सरकार ने राज्यसभा को जानकारी दी, कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा की जाएगी, बैंक कर्मचारियों पर लागू नहीं।"

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: देश के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर लंबी प्रतीक्षा के बाद बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में पूछे गए सवालों का लिखित जवाब देते हुए जानकारी दी कि 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन पिछले साल 3 नवंबर, 2025 को कर दिया गया था। यह आयोग केंद्र सरकार के लिए काम करने वाले कर्मचारियों और रिटायर पेंशनर्स के वेतन, भत्तों, पेंशन संरचना और सेवा की शर्तों की समीक्षा करेगा।

8वें वेतन आयोग का गठन और कार्यकाल

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary (पंकज चौधरी) ने राज्यसभा में बताया कि 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि आयोग अपनी सिफारिशें साल 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपेगा। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसका सरकार पर कितना वित्तीय बोझ पड़ेगा।

सरकार ने इस बारे में साफ कहा कि फिलहाल इस वित्तीय बोझ का कोई अनुमान लगाना संभव नहीं है। वास्तविक स्थिति आयोग की सिफारिशों के आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

आयोग किन मुद्दों की करेगा समीक्षा

वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि आयोग निम्नलिखित क्षेत्रों की समीक्षा करेगा:

  1. कर्मचारियों के वेतन और भत्ते: केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की वर्तमान सैलरी संरचना और भत्तों की समीक्षा की जाएगी।
  2. पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स: केंद्र सरकार से रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन और संबंधित भत्तों में संभावित वृद्धि पर सुझाव दिए जाएंगे।
  3. सेवा की शर्तें: सरकारी कर्मचारियों की सेवा की शर्तों, प्रमोशन नीति और अन्य नियमों की समीक्षा भी आयोग करेगा।

इस समीक्षा के जरिए आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और भत्ते आधुनिक जरूरतों और महंगाई के अनुसार उपयुक्त हों।

कौन लाभान्वित होंगे और कौन नहीं

8वें वेतन आयोग लागू होने पर केंद्रीय सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। आयोग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ सकती है और रिटायर पेंशनर्स की पेंशन में भी वृद्धि की संभावना है।

हालांकि, बैंक कर्मचारियों पर यह वेतन आयोग लागू नहीं होगा। सरकारी बैंक कर्मचारियों का वेतन भारतीय बैंक संघ (IBA) के समझौतों के तहत तय किया जाता है। इसलिए बैंक कर्मचारी इस वेतन आयोग के दायरे में शामिल नहीं होंगे।

राज्यसभा में उठे सवाल और सरकार का जवाब

राज्यसभा में सांसदों ने सरकार से यह सवाल किया था कि 8वें वेतन आयोग किन मुद्दों पर काम करेगा और इसकी सिफारिशें कब तक लागू हो सकती हैं। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आयोग न केवल वर्तमान कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का मूल्यांकन करेगा, बल्कि रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन और सेवा से जुड़े अन्य लाभों पर भी सुझाव देगा।

सरकार ने यह भी कहा कि आयोग अपनी रिपोर्ट तय समयसीमा के भीतर सौंपेगा और इसके बाद ही आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। इससे स्पष्ट होता है कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी और भत्तों के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना होगा।

आयोग लागू होने के बाद संभावित वित्तीय असर

सरकार ने कहा कि 8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद वित्तीय बोझ का सटीक आकलन आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही संभव होगा। हालांकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि आयोग कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में पर्याप्त वृद्धि की सिफारिश करता है, तो सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।

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