School Holiday 16 January 2026: आज किन राज्यों में बंद रहेंगे स्कूल, कहां खुले रहेंगे?

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

“16 जनवरी 2026 को स्कूल बंद या खुले, राज्यवार स्थिति की जानकारी”

School Holiday 16 January 2026: देश के कई हिस्सों में जनवरी की कड़ाके की ठंड और कहीं-कहीं त्योहारों के कारण 16 जनवरी 2026 को स्कूलों को लेकर अभिभावकों और छात्रों में असमंजस बना हुआ है। कहीं स्कूल बंद हैं तो कहीं खोलने की तैयारी चल रही है। ऐसे में जानना जरूरी है कि आज किस राज्य में क्या स्थिति है।

उत्तर भारत में ठंड का असर, कई जगह स्कूल बंद

उत्तर भारत इस समय भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। इसी वजह से कई राज्य सरकारों ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला किया है।

हरियाणा में सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 16 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर ठंड का गंभीर असर पड़ सकता है, इसलिए यह फैसला लिया गया।

बिहार के कई जिलों में नर्सरी से लेकर प्राथमिक कक्षाओं तक स्कूल बंद रखे गए हैं। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि मौसम सामान्य होने पर ही स्कूल खोले जाएंगे।

उत्तर प्रदेश में स्थिति जिले-जिले में अलग है। प्रयागराज में माघ मेला और बढ़ती भीड़ को देखते हुए कक्षा 8 तक के स्कूल 16 जनवरी से आगे भी बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। अन्य जिलों में स्थानीय मौसम के आधार पर निर्णय लिया गया है।

Also Read

दिल्ली-NCR में अब भी स्थिति साफ नहीं

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में शीतकालीन अवकाश पहले ही चल रहा था। 16 जनवरी को स्कूल खुलेंगे या नहीं, इस पर अंतिम फैसला स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की समीक्षा के बाद लिया जाना है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल से सीधे संपर्क करके जानकारी लें।

दक्षिण भारत में त्योहारों की वजह से छुट्टी

दक्षिण भारत के कई राज्यों में ठंड नहीं, बल्कि त्योहार स्कूल बंद होने की वजह बने हैं।

तमिलनाडु में पोंगल पर्व के चलते 16 जनवरी को स्कूल बंद हैं।
तेलंगाना में मकर संक्रांति की छुट्टियों के कारण अधिकांश स्कूलों में आज अवकाश है।

क्यों जरूरी है यह फैसला

मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में अभी ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। सुबह के समय घना कोहरा और बेहद कम तापमान बच्चों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसी को देखते हुए राज्य सरकारें चरणबद्ध तरीके से फैसले ले रही हैं।

अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

  • स्कूल जाने से पहले अपने स्कूल की आधिकारिक सूचना जरूर जांच लें
  • जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग के आदेश पर ध्यान दें
  • अफवाहों के बजाय केवल अधिकृत जानकारी पर भरोसा करें
Next Post

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: राज्यसभा में वित्त मंत्रालय ने दी जानकारी, कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में होगी समीक्षा

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

"8वें वेतन आयोग 2026 अपडेट: केंद्र सरकार ने राज्यसभा को जानकारी दी, कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा की जाएगी, बैंक कर्मचारियों पर लागू नहीं।"

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: देश के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर लंबी प्रतीक्षा के बाद बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में पूछे गए सवालों का लिखित जवाब देते हुए जानकारी दी कि 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन पिछले साल 3 नवंबर, 2025 को कर दिया गया था। यह आयोग केंद्र सरकार के लिए काम करने वाले कर्मचारियों और रिटायर पेंशनर्स के वेतन, भत्तों, पेंशन संरचना और सेवा की शर्तों की समीक्षा करेगा।

8वें वेतन आयोग का गठन और कार्यकाल

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary (पंकज चौधरी) ने राज्यसभा में बताया कि 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि आयोग अपनी सिफारिशें साल 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपेगा। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसका सरकार पर कितना वित्तीय बोझ पड़ेगा।

सरकार ने इस बारे में साफ कहा कि फिलहाल इस वित्तीय बोझ का कोई अनुमान लगाना संभव नहीं है। वास्तविक स्थिति आयोग की सिफारिशों के आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

आयोग किन मुद्दों की करेगा समीक्षा

वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि आयोग निम्नलिखित क्षेत्रों की समीक्षा करेगा:

  1. कर्मचारियों के वेतन और भत्ते: केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की वर्तमान सैलरी संरचना और भत्तों की समीक्षा की जाएगी।
  2. पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स: केंद्र सरकार से रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन और संबंधित भत्तों में संभावित वृद्धि पर सुझाव दिए जाएंगे।
  3. सेवा की शर्तें: सरकारी कर्मचारियों की सेवा की शर्तों, प्रमोशन नीति और अन्य नियमों की समीक्षा भी आयोग करेगा।

इस समीक्षा के जरिए आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन और भत्ते आधुनिक जरूरतों और महंगाई के अनुसार उपयुक्त हों।

कौन लाभान्वित होंगे और कौन नहीं

8वें वेतन आयोग लागू होने पर केंद्रीय सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। आयोग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ सकती है और रिटायर पेंशनर्स की पेंशन में भी वृद्धि की संभावना है।

हालांकि, बैंक कर्मचारियों पर यह वेतन आयोग लागू नहीं होगा। सरकारी बैंक कर्मचारियों का वेतन भारतीय बैंक संघ (IBA) के समझौतों के तहत तय किया जाता है। इसलिए बैंक कर्मचारी इस वेतन आयोग के दायरे में शामिल नहीं होंगे।

राज्यसभा में उठे सवाल और सरकार का जवाब

राज्यसभा में सांसदों ने सरकार से यह सवाल किया था कि 8वें वेतन आयोग किन मुद्दों पर काम करेगा और इसकी सिफारिशें कब तक लागू हो सकती हैं। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आयोग न केवल वर्तमान कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का मूल्यांकन करेगा, बल्कि रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन और सेवा से जुड़े अन्य लाभों पर भी सुझाव देगा।

सरकार ने यह भी कहा कि आयोग अपनी रिपोर्ट तय समयसीमा के भीतर सौंपेगा और इसके बाद ही आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। इससे स्पष्ट होता है कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी और भत्तों के लिए अभी कुछ और समय इंतजार करना होगा।

आयोग लागू होने के बाद संभावित वित्तीय असर

सरकार ने कहा कि 8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद वित्तीय बोझ का सटीक आकलन आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही संभव होगा। हालांकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि आयोग कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में पर्याप्त वृद्धि की सिफारिश करता है, तो सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।

Next Post

Loading more posts...