गुरुग्राम में 90 साल का रिकॉर्ड टूटा, बर्फ जैसी ठंड ने लोगों को झकझोरा

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Javed Haider Zaidi

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गुरुग्राम में रिकॉर्ड तोड़ ठंड

गुरुग्राम में 90 साल का रिकॉर्ड टूटा: उत्तर भारत में ठंड का कहर लगातार जारी है और इस बार गुरुग्राम में ऐसा तापमान रिकॉर्ड किया गया है, जिसने पिछले 90 साल का न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लोगों ने बर्फ जैसी जमा परतों और पाले के बीच सुबह की सैर करते समय ठंड का पूरा अहसास किया।

दिल्ली-एनसीआर में धूप खिलने के बावजूद पारा अधिकतर जगहों पर सामान्य से काफी नीचे रहा। गुरुग्राम में तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि नारनौल में तापमान 1.2 डिग्री तक गिरा। राजधानी दिल्ली में 12 जनवरी को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री और 13 जनवरी को 4 डिग्री दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार गुरुग्राम के शहरी इलाकों में तापमान -1 डिग्री से 1.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। वहीं अन्य प्रमुख क्षेत्रों में तापमान इस प्रकार रहा:

  • सीकर: 0.4 डिग्री
  • दिल्ली: -3 डिग्री
  • नोएडा: -3.3 डिग्री
  • फरीदाबाद: -4 डिग्री
  • गाजियाबाद: -5.3 डिग्री
  • देहरादून: -4.5 डिग्री

गुरुग्राम के ग्रामीण इलाकों में पाला गिरने की घटनाएँ लगातार देखी जा रही हैं। खेतों और सब्जियों पर जम गई बर्फ और पाले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार पाला का जमना शून्य डिग्री के आसपास तापमान का संकेत है।

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कारों और खेतों में जमा बर्फ की तस्वीरें साझा की हैं, जिसने सर्दी के तेवरों को पूरी तरह उजागर किया। शीतलहर के चलते नागरिकों को गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम घर से बाहर जाने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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मौसम विभाग का अनुमान है कि 14 जनवरी, मकर संक्रांति के दिन, तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी से थोड़ी राहत मिल सकती है। साथ ही अधिकतम तापमान 21-22 डिग्री तक पहुंच सकता है। लेकिन अगले दो दिन ऑरेंज अलर्ट जारी है और शीतलहर का प्रभाव पूरे उत्तर भारत में महसूस किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का खास ध्यान रखा जाना चाहिए। घर में ही गर्म पानी और पोशाक का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहेगा। साथ ही, फसलों और सब्जियों की सुरक्षा के लिए किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर में इस तरह की इतिहास रचती ठंड ने लोगों को याद दिलाया है कि सर्दियों में मौसम के अचानक बदलाव कितने खतरनाक हो सकते हैं।

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PPF निवेशकों के लिए अहम खबर: अप्रैल में इस तारीख को भूलना पड़ सकता है महंगा

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"PPF निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अप्रैल में जरूरी तारीख की जानकारी, सही समय पर जमा करने पर ज्यादा ब्याज, देर से निवेश करने पर नुकसान, PPF की ब्याज दर और फायदे, सुरक्षित लंबी अवधि की निवेश योजना, 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करने के लाभ।"

अगर आप सुरक्षित और लंबे समय के निवेश की सोच रहे हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। यह सरकारी योजना न सिर्फ आपका पैसा सुरक्षित रखती है, बल्कि समय के साथ अच्छा रिटर्न भी देती है। लेकिन PPF में निवेश करते समय एक छोटी-सी तारीख की अनदेखी आपको सालभर के ब्याज में नुकसान पहुँचा सकती है। खासतौर पर अप्रैल महीने में यह बहुत अहम है।

PPF में निवेश का सही समय क्यों है जरूरी?

PPF में ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच के न्यूनतम बैलेंस के आधार पर होती है। इसका मतलब साफ है:

  • अगर आप 1 से 5 अप्रैल के बीच निवेश करते हैं, तो आपको उस महीने का पूरा ब्याज मिलेगा।
  • लेकिन अगर आप 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करते हैं, तो ब्याज केवल अगले महीने से जुड़ना शुरू होगा।

यानी सिर्फ कुछ दिनों की देरी भी आपके सालभर के रिटर्न को कम कर सकती है।

देरी से निवेश करने पर कितना नुकसान हो सकता है?

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं।

मान लीजिए आपने PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये जमा किए।

  • अगर राशि 1 से 5 तारीख के बीच जमा होती है, तो सालाना ब्याज लगभग ₹10,650 होगा।
  • वहीं, अगर आप 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो सालाना ब्याज घटकर लगभग ₹9,763 रह जाता है।

यानी केवल एक दिन की देरी से लगभग ₹887 का नुकसान हो सकता है।

यह नुकसान छोटा लग सकता है, लेकिन PPF लंबी अवधि की योजना है, इसलिए समय पर निवेश करने से लंबे समय में काफी बड़ा फर्क पड़ता है।

PPF योजना के फायदे और खासियतें

PPF योजना को खासतौर पर सुरक्षित निवेश की तलाश करने वाले लोग पसंद करते हैं। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:

  • लंबी अवधि का निवेश: 15 साल
  • न्यूनतम निवेश राशि: ₹500
  • अधिकतम निवेश राशि: ₹1.5 लाख सालाना
  • ब्याज दर: करीब 7.1% (वर्तमान में)
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री

यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है, जो बिना जोखिम लिए लंबे समय में अच्छा फंड बनाना चाहते हैं।

निवेश करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. कोशिश करें कि 1 से 5 तारीख के बीच ही पैसा जमा करें।
  2. अगर पूरे साल की एकमुश्त राशि जमा करना संभव नहीं है, तो हर महीने की शुरुआत में निवेश करें।
  3. PPF को लंबी अवधि की योजना मानकर ही निवेश करें।
  4. समय पर निवेश करने से आपके सालभर के ब्याज में बढ़ोतरी होगी।
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