निपाह वायरस: 12 जनवरी 2026: पश्चिम बंगाल में Nipah virus (निपाह वायरस) के दो संदिग्ध मामलों की पुष्टि ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग और आम जनता दोनों के बीच चिंता पैदा कर दी है। दोनों मरीज स्वास्थ्यकर्मी हैं और वर्तमान में आइसोलेशन वार्ड में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। राज्य सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी है।
घटना का पूरा विवरण
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, दोनों संदिग्ध मरीज उत्तर 24 परगना जिले के एक निजी अस्पताल से जुड़े हैं। उनमें तेज बुखार, सिर दर्द और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण पाए गए। इनके नमूने ICMR-VRDL, AIIMS कल्याणी में भेजे गए हैं, जहां उनकी पुष्टि के लिए विशेष परीक्षण किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल और आसपास के लोगों पर सख्त नजर रखी है। जिन लोगों का इन मरीजों के संपर्क में आने का अंदेशा है, उन्हें भी सुरक्षा और निगरानी के दायरे में रखा गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम वायरस के फैलाव को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।
केंद्र सरकार का तत्काल कदम
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत राष्ट्रीय संयुक्त आउटब्रेक टीम को पश्चिम बंगाल भेजा। इस टीम में शामिल हैं:
- राष्ट्रीय विषाणु अनुसंधान संस्थान (पुणे)
- राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान (चेन्नई)
- AIIMS कल्याणी
- All India Institute of Public Health (कोलकाता)
टीम का मुख्य कार्य संदिग्ध मामलों की पुष्टि करना, तुरंत नियंत्रण उपाय लागू करना और जनता में फैलने वाले डर को नियंत्रित करना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बात कर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और विशेषज्ञों की सहायता सुनिश्चित की।
निपाह वायरस: गंभीर और खतरनाक
निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक वायरस है, जिसका मुख्य स्रोत फलों के चमगादड़ हैं। यह वायरस इंसानों में तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी, सांस लेने में कठिनाई और गंभीर मामलों में मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफलाइटिस) जैसी जटिलताएं पैदा कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निपाह वायरस का कोई निश्चित इलाज नहीं है। मरीजों को अस्पताल में सपोर्टिव केयर दी जाती है। भारत में इससे पहले केरल और पश्चिम बंगाल में मामले सामने आए हैं, जिनमें कुछ में मृत्यु भी हुई थी।
वायरस का फैलाव और सावधानी
निपाह वायरस आमतौर पर जानवरों से मनुष्यों में फैलता है। विशेषज्ञ लोगों से यह सावधानी बरतने का अनुरोध कर रहे हैं:
- फल और फलाहारी उत्पादों को अच्छी तरह धोकर या पका कर ही खाएं।
- किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के सीधे संपर्क से बचें, खासकर यदि उसे बुखार, खांसी या सांस की तकलीफ हो।
- हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएं।
- स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक जानकारी और दिशा-निर्देश का पालन करें।
- संक्रमित लोगों के संपर्क में आए सभी व्यक्तियों की निगरानी की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जनता की सतर्कता वायरस के फैलाव को रोकने में सबसे अहम भूमिका निभा सकती है।
स्वास्थ्य अधिकारी और विशेषज्ञों की राय
डॉ. अजय वर्मा, विषाणु विज्ञान विशेषज्ञ, ने बताया कि निपाह वायरस फैलने की क्षमता में कोविड की तरह व्यापक नहीं है, लेकिन इसके परिणाम भारी और जानलेवा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पहचान और क्वारंटीन प्रक्रिया संक्रमण को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि अस्पतालों में इनफेक्शन कंट्रोल प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इसके अलावा, आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि लोग सुरक्षित रहें और अफवाहों से प्रभावित न हों।