लखनऊ में कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर, 12 जनवरी 2026 को ऐसा रहेगा मौसम | जानिए पूरा अपडेट

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

लखनऊ में सर्दियों की सुबह घने कोहरे के बीच पक्के पुल और नदी का दृश्य, ठंड में चलते लोग और हल्का यातायात दिखाई देता हुआ।

लखनऊ में कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 12 जनवरी को सर्दी का असर पूरी तरह से देखने को मिलेगा। जनवरी के दूसरे सप्ताह में ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ने के साथ ही हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रहने की संभावना है, जिससे आम जनजीवन, यातायात और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, 12 जनवरी को लखनऊ का मौसम शुष्क बना रहेगा। बारिश के कोई संकेत नहीं हैं, लेकिन उत्तर भारत में सक्रिय शीतलहर के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है। सुबह के समय ठंड अधिक महसूस होगी, जबकि दोपहर में हल्की धूप निकलने से कुछ राहत मिल सकती है।

तापमान का हाल

12 जनवरी को लखनऊ में न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। हालांकि ठंडी हवाओं के चलते वास्तविक तापमान से ज्यादा ठंड महसूस हो सकती है। सुबह और देर शाम के समय लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ेगी।

कोहरा और दृश्यता पर असर

सुबह के वक्त शहर के कई इलाकों में कोहरे और धुंध का असर देखने को मिल सकता है। इससे सड़कों पर दृश्यता कम होने की आशंका है। खासकर हाईवे, फ्लाईओवर और खुले इलाकों में वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भी अतिरिक्त सतर्कता रखने की जरूरत होगी।

शीतलहर का प्रभाव

उत्तर भारत में चल रही शीतलहर का असर लखनऊ समेत पूरे अवध क्षेत्र में बना हुआ है। ठंडी हवाएं तापमान को और नीचे ला रही हैं, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों के लिए ठंड अधिक परेशान करने वाली साबित हो सकती है।

Also Read

वायु गुणवत्ता की स्थिति

सर्दियों में ठंडी और स्थिर हवाओं के कारण लखनऊ में वायु गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। 12 जनवरी को एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब श्रेणी में बने रहने की संभावना है। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।

आम लोगों के लिए सलाह

मौसम को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि लोग सुबह और रात के समय बाहर निकलते वक्त गर्म कपड़े जरूर पहनें। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय धीमी गति रखें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाना भी जरूरी है।

Next Post

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमला, UN से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

Picture of Javed Haider Zaidi

Javed Haider Zaidi

Share

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में आतंकी हमले पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो संदेश

मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा बयान: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित शिया मस्जिद खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। नमाज़ अदा कर रहे मासूम नमाज़ियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कई लोगों की शहादत की खबर है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इस दर्दनाक घटना पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AISPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास (Yasoob Abbas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हमले को इंसानियत और इस्लाम दोनों के खिलाफ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कदम उठाने की अपील की है।

“आतंकियों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं” — मौलाना यासूब अब्बास

मौलाना यासूब अब्बास ने अपने बयान में कहा कि जो लोग खुद को मुसलमान बताकर मस्जिदों में नमाज़ियों पर गोलियां बरसाते हैं, वे दरअसल इस्लाम के नाम पर छिपे हुए वहशी दरिंदे हैं। उनका कहना था कि इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाज़त नहीं देता और ऐसे कृत्य करने वालों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद वहां की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं चुप्पी साधे हुए हैं। यह चुप्पी आतंकवाद को और बढ़ावा दे रही है।

संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग

AISPLB के महासचिव ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से स्पष्ट शब्दों में मांग की कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से लगातार आतंकवाद पनप रहा है और वहां अल्पसंख्यकों, खासकर शिया मुसलमानों की जान सुरक्षित नहीं है।

मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय मंच अब भी सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हमले भविष्य में और भयावह रूप ले सकते हैं।

शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना

अपने बयान के अंत में मौलाना यासूब अब्बास ने हमले में शहीद हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह ईश्वर से दुआ करते हैं कि शहीदों के परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की ताकत मिले और घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।

मानवता पर हमला, पूरी दुनिया के लिए चेतावनी

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुआ यह आतंकी हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और धार्मिक सह-अस्तित्व पर हमला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं बनाया गया, तो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक आतंकवाद और अधिक खतरनाक रूप ले सकता है।

Next Post

Loading more posts...