8.75 किलो सोना, कैश का पहाड़ और 18 घंटे चली नोटों की गिनती, इनकम टैक्स की ऐतिहासिक रेड, जुड़ा है Ajay Devgn का कनेक्शन

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Javed Haider Zaidi

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अजय देवगन की फिल्म रेड की असली कहानी, 1981 की सबसे बड़ी इनकम टैक्स रेड

देश में काले धन और टैक्स चोरी के खिलाफ हुई सबसे बड़ी कार्रवाइयों में 16 जुलाई 1981 की इनकम टैक्स रेड आज भी इतिहास में दर्ज है। यह रेड न सिर्फ बरामद संपत्ति के पैमाने के कारण, बल्कि इसकी अवधि और असर के चलते भी एक मील का पत्थर मानी जाती है। इस कार्रवाई में 1.60 करोड़ रुपये नकद और करीब 8.75 किलो सोना बरामद किया गया था, जिसे उस दौर में किसी राज्य के सालाना बजट के बराबर माना गया।

आज जब बजट 2026-27 से पहले इनकम टैक्स नियमों में बदलाव की चर्चाएं तेज हैं, तब यह ऐतिहासिक रेड एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

सुबह-सुबह शुरू हुआ ऑपरेशन

16 जुलाई 1981 की सुबह उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में उस वक्त हलचल मच गई, जब स्वरूप नगर इलाके में उद्योगपति सरदार इंदर सिंह के आवास के बाहर दर्जनों सरकारी वाहन पहुंच गए। इनकम टैक्स विभाग ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।

इस ऑपरेशन में:

  • 90 से अधिक आयकर अधिकारी
  • और लगभग 200 पुलिसकर्मी

शामिल थे। रेड केवल कानपुर तक सीमित नहीं रही, बल्कि दिल्ली और मसूरी में मौजूद ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई।

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कौन थे सरदार इंदर सिंह?

सरदार इंदर सिंह उस समय उत्तर भारत के बड़े उद्योगपतियों में गिने जाते थे।
वे:

  • देश की पहली स्टील री-रोलिंग मिल के संस्थापक थे
  • उत्तर भारत की बड़ी रेलवे वैगन फैक्ट्री के मालिक थे
  • और पूर्व राज्यसभा सांसद भी रह चुके थे

कानपुर में उनका सामाजिक और कारोबारी दबदबा माना जाता था।

गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई

इनकम टैक्स विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि सरदार इंदर सिंह के पास भारी मात्रा में अघोषित नकदी, सोना और संपत्ति मौजूद है।
डिप्टी डायरेक्टर (इंटेलिजेंस) अलक कुमार बतब्याल के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

टीम ने घर के हर हिस्से की गहन तलाशी ली—
अलमारियां, तिजोरियां, फर्श के नीचे बने गुप्त कक्ष, छत और दीवारों तक की जांच की गई।

पहले दिन ही लाखों की बरामदगी

रेड के पहले ही दिन कानपुर स्थित आवास से 92 लाख रुपये नकद बरामद हुए। उस समय यह रकम आज के लिहाज से कई करोड़ रुपये के बराबर मानी जाती है। इसके साथ सोने-चांदी के आभूषण और फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए।

पत्नी के आवास से मिला 8.75 किलो सोना

रेड के दौरान सबसे चौंकाने वाली बरामदगी इंदर सिंह की पत्नी मोहिंदर कौर के आवास से हुई।
यहां से:

  • 750 तोला (करीब 8.75 किलो) सोना
  • दो सोने की ईंटें
  • करीब 8 लाख रुपये के गहने
  • और 144 गिनी सिक्के

बरामद किए गए। इतनी बड़ी मात्रा में सोना रखना उस समय गोल्ड कंट्रोल एक्ट, 1968 के तहत गैरकानूनी था।

18 घंटे तक चली नोटों की गिनती

नकदी की मात्रा इतनी अधिक थी कि उसे गिनने में ही 18 घंटे लग गए।
इसके लिए:

  • एक अलग कमरा बनाया गया
  • 45 लोगों की टीम, जिसमें RBI के कर्मचारी भी शामिल थे, तैनात की गई

नोटों को मशीनों और हाथों से गिना गया।

किसी राज्य के बजट जितनी रकम

पूरी रेड के बाद कुल बरामदगी का आंकड़ा सामने आया:

  • 1.60 करोड़ रुपये नकद
  • 750 तोला सोना
  • अन्य आभूषण और संपत्तियां

उस समय यह राशि किसी राज्य के वार्षिक बजट के बराबर मानी गई। यह रेड तीन रात और दो दिन तक चली, जो अपने आप में रिकॉर्ड थी।

देशभर में दिखा असर

इस कार्रवाई के बाद:

  • सरदार इंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया
  • बैंक खातों को फ्रीज किया गया
  • फैक्ट्रियों और कारोबारी रिकॉर्ड्स की जांच हुई

रेड का असर कानपुर तक सीमित नहीं रहा। पूरे देश के कारोबारी जगत में टैक्स चोरी को लेकर डर का माहौल बन गया और कई लोगों ने अपने टैक्स रिकॉर्ड दुरुस्त करने शुरू कर दिए।

अजय देवगन की फिल्म ‘रेड’ से जुड़ा मामला

इस ऐतिहासिक रेड से प्रेरित होकर 2018 में आई Ajay Devgn की फिल्म ‘रेड’ बनाई गई। फिल्म में एक ईमानदार इनकम टैक्स अधिकारी द्वारा बड़े कारोबारी के घर की गई छापेमारी को दिखाया गया, जिसकी कहानी वास्तविक घटनाओं से काफी मिलती-जुलती मानी जाती है।

आज भी एक मिसाल

हालांकि आज के दौर में सैकड़ों करोड़ रुपये की रेड आम हो गई हैं, लेकिन 1981 में 1.60 करोड़ रुपये और 8.75 किलो सोना बरामद होना उस समय देश को झकझोर देने वाला था।
यह रेड आज भी काले धन के खिलाफ सरकारी सख्ती और कार्रवाई की सबसे बड़ी मिसाल के रूप में याद की जाती है।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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