इन लोगों को बैंक से पैसा निकालने में होगी दिक्कत, पैन इनएक्टिव होते ही रुक जाएंगे ये पैन इनएक्टिव

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Javed Haider Zaidi

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बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं पर असर

इन लोगों को बैंक से पैसा निकालने में होगी दिक्कत: अगर आपका पैन कार्ड निष्क्रिय (Inactive) हो गया है, तो आने वाले दिनों में आपको बैंकिंग, निवेश और सरकारी सुविधाओं से जुड़े कई कामों में परेशानी हो सकती है। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, पैन कार्ड अब केवल टैक्स भरने का दस्तावेज नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की वित्तीय प्रणाली की पहचान बन चुका है। ऐसे में पैन के इनएक्टिव होते ही व्यक्ति के कई जरूरी आर्थिक लेन-देन अपने आप सीमित हो जाते हैं।

ITR फाइल करने पर रोक

पैन कार्ड निष्क्रिय होने की स्थिति में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना संभव नहीं होता। आयकर विभाग पैन के जरिए ही करदाता की पहचान और टैक्स रिकॉर्ड को सत्यापित करता है। बिना वैध पैन के रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकता।

टैक्स रिफंड अटकने की आशंका

जिन करदाताओं का टैक्स रिफंड बनता है, उनके लिए पैन का एक्टिव रहना जरूरी है। पैन इनएक्टिव होने पर रिफंड की राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज तब तक जारी नहीं किया जाता, जब तक पैन दोबारा सक्रिय न हो जाए।

बैंकिंग सेवाओं पर असर

बैंकिंग सेक्टर में पैन कार्ड केवाईसी का मुख्य दस्तावेज है। पैन इनएक्टिव होने पर नया बैंक खाता खोलना मुश्किल हो सकता है और कई मामलों में मौजूदा खातों से जुड़े बड़े लेन-देन पर भी रोक लग सकती है।

निवेश के रास्ते बंद

शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, डीमैट अकाउंट और एसआईपी जैसी निवेश योजनाओं के लिए वैध पैन जरूरी होता है। पैन निष्क्रिय होने पर न तो नया निवेश संभव होगा और न ही निवेश से जुड़ी कई सेवाएं मिल पाएंगी।

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लोन और क्रेडिट कार्ड नहीं मिलेगा

बैंक और एनबीएफसी किसी भी तरह का लोन या क्रेडिट कार्ड जारी करने से पहले पैन के जरिए क्रेडिट प्रोफाइल की जांच करते हैं। पैन इनएक्टिव होने पर लोन आवेदन खारिज हो सकता है।

बड़े कैश लेन-देन पर पाबंदी

नियमों के मुताबिक 50 हजार रुपये से अधिक की नकद जमा या निकासी के लिए पैन अनिवार्य है। पैन निष्क्रिय होने पर ऐसे लेन-देन पर रोक लग सकती है।

विदेश यात्रा और बड़े भुगतान प्रभावित

विदेश यात्रा से जुड़े भुगतान, महंगे होटल या सेवाओं के लिए पैन जरूरी होता है। पैन काम नहीं करने पर ऐसे भुगतान अटक सकते हैं।

अधिक टैक्स कटने का खतरा

पैन इनएक्टिव होने पर टीडीएस और टीसीएस उच्च दर से काटा जाता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अतिरिक्त कटे टैक्स का रिफंड क्लेम नहीं किया जा सकता।

बीमा और वित्तीय सेवाएं सीमित

लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम और अन्य बड़ी वित्तीय सेवाओं के लिए पैन आवश्यक है। पैन निष्क्रिय होने पर इन सेवाओं में भी अड़चन आ सकती है।

सरकारी योजनाओं का लाभ रुक सकता है

पैन कार्ड कई सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के लिए पहचान दस्तावेज के रूप में उपयोग होता है। पैन इनएक्टिव होने पर इन योजनाओं का लाभ लेना मुश्किल हो सकता है।

पैन कार्ड इनएक्टिव क्यों होता है

सरकार के नियमों के अनुसार, पैन को आधार से लिंक करना अनिवार्य है। तय समय सीमा तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर पैन कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाता है।

पैन को दोबारा कैसे करें एक्टिव

यदि पैन निष्क्रिय हो गया है, तो आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर पैन-आधार लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। निर्धारित लेट फीस जमा करने के बाद पैन को फिर से सक्रिय किया जा सकता है।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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