इन लोगों को बैंक से पैसा निकालने में होगी दिक्कत: अगर आपका पैन कार्ड निष्क्रिय (Inactive) हो गया है, तो आने वाले दिनों में आपको बैंकिंग, निवेश और सरकारी सुविधाओं से जुड़े कई कामों में परेशानी हो सकती है। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, पैन कार्ड अब केवल टैक्स भरने का दस्तावेज नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की वित्तीय प्रणाली की पहचान बन चुका है। ऐसे में पैन के इनएक्टिव होते ही व्यक्ति के कई जरूरी आर्थिक लेन-देन अपने आप सीमित हो जाते हैं।
ITR फाइल करने पर रोक
पैन कार्ड निष्क्रिय होने की स्थिति में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना संभव नहीं होता। आयकर विभाग पैन के जरिए ही करदाता की पहचान और टैक्स रिकॉर्ड को सत्यापित करता है। बिना वैध पैन के रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकता।
टैक्स रिफंड अटकने की आशंका
जिन करदाताओं का टैक्स रिफंड बनता है, उनके लिए पैन का एक्टिव रहना जरूरी है। पैन इनएक्टिव होने पर रिफंड की राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज तब तक जारी नहीं किया जाता, जब तक पैन दोबारा सक्रिय न हो जाए।
बैंकिंग सेवाओं पर असर
बैंकिंग सेक्टर में पैन कार्ड केवाईसी का मुख्य दस्तावेज है। पैन इनएक्टिव होने पर नया बैंक खाता खोलना मुश्किल हो सकता है और कई मामलों में मौजूदा खातों से जुड़े बड़े लेन-देन पर भी रोक लग सकती है।
निवेश के रास्ते बंद
शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, डीमैट अकाउंट और एसआईपी जैसी निवेश योजनाओं के लिए वैध पैन जरूरी होता है। पैन निष्क्रिय होने पर न तो नया निवेश संभव होगा और न ही निवेश से जुड़ी कई सेवाएं मिल पाएंगी।
लोन और क्रेडिट कार्ड नहीं मिलेगा
बैंक और एनबीएफसी किसी भी तरह का लोन या क्रेडिट कार्ड जारी करने से पहले पैन के जरिए क्रेडिट प्रोफाइल की जांच करते हैं। पैन इनएक्टिव होने पर लोन आवेदन खारिज हो सकता है।
बड़े कैश लेन-देन पर पाबंदी
नियमों के मुताबिक 50 हजार रुपये से अधिक की नकद जमा या निकासी के लिए पैन अनिवार्य है। पैन निष्क्रिय होने पर ऐसे लेन-देन पर रोक लग सकती है।
विदेश यात्रा और बड़े भुगतान प्रभावित
विदेश यात्रा से जुड़े भुगतान, महंगे होटल या सेवाओं के लिए पैन जरूरी होता है। पैन काम नहीं करने पर ऐसे भुगतान अटक सकते हैं।
अधिक टैक्स कटने का खतरा
पैन इनएक्टिव होने पर टीडीएस और टीसीएस उच्च दर से काटा जाता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अतिरिक्त कटे टैक्स का रिफंड क्लेम नहीं किया जा सकता।
बीमा और वित्तीय सेवाएं सीमित
लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम और अन्य बड़ी वित्तीय सेवाओं के लिए पैन आवश्यक है। पैन निष्क्रिय होने पर इन सेवाओं में भी अड़चन आ सकती है।
सरकारी योजनाओं का लाभ रुक सकता है
पैन कार्ड कई सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के लिए पहचान दस्तावेज के रूप में उपयोग होता है। पैन इनएक्टिव होने पर इन योजनाओं का लाभ लेना मुश्किल हो सकता है।
पैन कार्ड इनएक्टिव क्यों होता है
सरकार के नियमों के अनुसार, पैन को आधार से लिंक करना अनिवार्य है। तय समय सीमा तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर पैन कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाता है।
पैन को दोबारा कैसे करें एक्टिव
यदि पैन निष्क्रिय हो गया है, तो आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर पैन-आधार लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। निर्धारित लेट फीस जमा करने के बाद पैन को फिर से सक्रिय किया जा सकता है।