अब बिजली बिल होगा Zero! सोलर एनर्जी से रोजगार और बचत का नया रास्ता, यूपी के किसानों को 1.5 करोड़ तक सब्सिडी

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Javed Haider Zaidi

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उत्तर प्रदेश में सोलर एनर्जी से बिजली बिल शून्य, किसानों और घरों के लिए सब्सिडी और रोजगार के मौके।

उत्तर प्रदेश में सोलर एनर्जी अब सिर्फ बिजली का विकल्प नहीं, बल्कि रोजगार, बचत और आत्मनिर्भरता का मजबूत जरिया बनती जा रही है। मुफ्त मिलने वाली धूप को बिजली में बदलकर घरों और खेतों की जरूरतें पूरी करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है।

यूपीनेडा (उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी) के सचिव Pankaj Singh (पंकज सिंह) ने लखनऊ में आयोजित दैनिक जागरण – हैवेल्स सोलर चौपाल में सौर ऊर्जा के फायदे और सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना और पीएम कुसुम योजना के जरिए न सिर्फ बिजली बिल को लगभग शून्य किया जा सकता है, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा हो रहा है।

पीएम सूर्य घर योजना से हजारों को रोजगार

यूपीनेडा सचिव ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना से इस समय 4300 से अधिक वेंडर जुड़े हुए हैं। एक वेंडर के पास औसतन 10 लोगों की टीम होती है, यानी सिर्फ इस एक योजना से करीब 43 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं।
यह योजना मुख्य रूप से आवासीय जरूरतों के लिए है, जिससे आम लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल में भारी कटौती कर सकते हैं।

किसानों के लिए बड़ी राहत, 1.5 करोड़ तक सब्सिडी

जिन किसानों के पास अपनी जमीन पर सोलर प्लांट लगाने की जगह नहीं है, उनके लिए पीएम कुसुम सी-2 योजना लाई गई है। उत्तर प्रदेश में सी-1 और सी-2 योजनाओं के तहत 2000 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 1700 मेगावाट का टेंडर और पीपीए फाइनल किया जा चुका है।

अब तक 550 किसानों का चयन किया गया है, जो औसतन 3 मेगावाट के सोलर प्लांट लगाएंगे। इस योजना में किसानों को करीब 1.5 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे उनकी आय का नया और स्थायी स्रोत तैयार होगा।

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अपार्टमेंट और कॉलोनियों में सोलर अनिवार्य करने की तैयारी

शहरी इलाकों में भी सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने की तैयारी तेज है। यूपीनेडा ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से 232 गैरविवादित आरडब्ल्यूए की सूची मांगी है, जहां शत-प्रतिशत सोलर सिस्टम लगाने की योजना है।
साथ ही, सभी विकास प्राधिकरणों को प्रस्ताव भेजा गया है कि नए नक्शों की मंजूरी में सोलर पैनल को अनिवार्य शर्त के रूप में शामिल किया जाए।

एलडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि नेडा के सहयोग से 60 से 70 अपार्टमेंट में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिनमें से कई जगह काम पूरा भी हो चुका है।

जागरूकता अभियान भी होगा तेज

हैवेल्स के बिजनेस हेड विनय शेट्टी ने बताया कि सोलर एनर्जी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए दैनिक जागरण के सहयोग से अगले तीन महीनों में उत्तर प्रदेश के सभी बड़े शहरों में सोलर चौपाल आयोजित की जाएंगी।

सोलर एनर्जी से बदलेगा यूपी का भविष्य

सरकार और निजी कंपनियों की साझेदारी से सोलर एनर्जी उत्तर प्रदेश में बिजली बिल बचत, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार बन रही है। आने वाले समय में यह मॉडल राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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