उत्तर प्रदेश में सोलर एनर्जी अब सिर्फ बिजली का विकल्प नहीं, बल्कि रोजगार, बचत और आत्मनिर्भरता का मजबूत जरिया बनती जा रही है। मुफ्त मिलने वाली धूप को बिजली में बदलकर घरों और खेतों की जरूरतें पूरी करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है।
यूपीनेडा (उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी) के सचिव Pankaj Singh (पंकज सिंह) ने लखनऊ में आयोजित दैनिक जागरण – हैवेल्स सोलर चौपाल में सौर ऊर्जा के फायदे और सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना और पीएम कुसुम योजना के जरिए न सिर्फ बिजली बिल को लगभग शून्य किया जा सकता है, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा हो रहा है।
पीएम सूर्य घर योजना से हजारों को रोजगार
यूपीनेडा सचिव ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना से इस समय 4300 से अधिक वेंडर जुड़े हुए हैं। एक वेंडर के पास औसतन 10 लोगों की टीम होती है, यानी सिर्फ इस एक योजना से करीब 43 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं।
यह योजना मुख्य रूप से आवासीय जरूरतों के लिए है, जिससे आम लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल में भारी कटौती कर सकते हैं।
किसानों के लिए बड़ी राहत, 1.5 करोड़ तक सब्सिडी
जिन किसानों के पास अपनी जमीन पर सोलर प्लांट लगाने की जगह नहीं है, उनके लिए पीएम कुसुम सी-2 योजना लाई गई है। उत्तर प्रदेश में सी-1 और सी-2 योजनाओं के तहत 2000 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 1700 मेगावाट का टेंडर और पीपीए फाइनल किया जा चुका है।
अब तक 550 किसानों का चयन किया गया है, जो औसतन 3 मेगावाट के सोलर प्लांट लगाएंगे। इस योजना में किसानों को करीब 1.5 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे उनकी आय का नया और स्थायी स्रोत तैयार होगा।
अपार्टमेंट और कॉलोनियों में सोलर अनिवार्य करने की तैयारी
शहरी इलाकों में भी सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने की तैयारी तेज है। यूपीनेडा ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से 232 गैरविवादित आरडब्ल्यूए की सूची मांगी है, जहां शत-प्रतिशत सोलर सिस्टम लगाने की योजना है।
साथ ही, सभी विकास प्राधिकरणों को प्रस्ताव भेजा गया है कि नए नक्शों की मंजूरी में सोलर पैनल को अनिवार्य शर्त के रूप में शामिल किया जाए।
एलडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि नेडा के सहयोग से 60 से 70 अपार्टमेंट में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिनमें से कई जगह काम पूरा भी हो चुका है।
जागरूकता अभियान भी होगा तेज
हैवेल्स के बिजनेस हेड विनय शेट्टी ने बताया कि सोलर एनर्जी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए दैनिक जागरण के सहयोग से अगले तीन महीनों में उत्तर प्रदेश के सभी बड़े शहरों में सोलर चौपाल आयोजित की जाएंगी।
सोलर एनर्जी से बदलेगा यूपी का भविष्य
सरकार और निजी कंपनियों की साझेदारी से सोलर एनर्जी उत्तर प्रदेश में बिजली बिल बचत, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार बन रही है। आने वाले समय में यह मॉडल राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।