लखनऊ की सुबह इन दिनों मानो धुंध की चादर में लिपटी हुई है। मंगलवार को राजधानी का नज़ारा कुछ ऐसा रहा कि घरों से बाहर निकलते ही लोग ठिठुरन और कोहरे से दो-चार हो गए। घने कोहरे के कारण कई इलाकों में दृश्यता घटकर महज़ 10 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़कों पर चलना जोखिम भरा हो गया।
सुबह-सुबह जब लोग रोज़मर्रा के कामों के लिए निकले, तो सिहरती पछुआ हवाओं ने ठंड का अहसास और गहरा कर दिया। कहीं ओस की बूंदें हल्की बारिश जैसा एहसास करा रही थीं, तो कहीं लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए। सड़क किनारे चाय की दुकानों पर भीड़ पहले से ज्यादा दिखी, जहां लोग गर्म चाय के साथ ठंड से लड़ते दिखाई दिए।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने 7 जनवरी के लिए लखनऊ समेत आसपास के इलाकों में कोल्ड डे का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, दिन के तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं के कारण ठंड का असर पूरे दिन बना रह सकता है। सुबह और देर रात को कोहरा और घना होने की संभावना जताई गई है, जिससे यातायात पर असर पड़ सकता है।
यातायात पर पड़ा असर
घने कोहरे की वजह से सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। हाईवे और प्रमुख चौराहों पर गाड़ियों की रफ्तार काफी धीमी रही। कई जगहों पर लोग मोबाइल की टॉर्च या वाहन की हेडलाइट के सहारे रास्ता तलाशते दिखे। रेलवे और बस यात्रियों को भी देरी का सामना करना पड़ा।
AQI 350: हवा भी बनी दुश्मन
ठंड के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता (AQI) 350 तक पहुंच गई है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आती है। प्रदूषण और ठंड के इस दोहरे असर ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और मास्क का इस्तेमाल करें।
जनजीवन पर असर
ठंड और कोहरे के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों तक, सभी को खास एहतियात बरतनी पड़ रही है। लोग गर्म कपड़ों में पूरी तरह ढके नजर आए। गरीब और बेघर लोगों के लिए ठंड और ज्यादा चुनौती बन गई है, जिन्हें रातें अलाव और अस्थायी इंतजामों के सहारे गुजारनी पड़ रही हैं।
आने वाले दिनों का हाल
मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम हैं। अगले कुछ दिनों तक कोहरा, ठंडी हवाएं और खराब वायु गुणवत्ता लखनऊवासियों की मुश्किलें बढ़ाए रख सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की ओर से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।