Coal India की सहायक कंपनी Bharat Coking Coal का IPO 9 जनवरी को होगा लॉन्च

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Javed Haider Zaidi

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स्टॉक मार्केट पृष्ठभूमि में रखे सुनहरे सिक्कों पर IPO दर्शाते ब्लॉक, पास में वित्तीय दस्तावेज़ और कैलकुलेटर, निवेश और शेयर बाजार की अवधारणा को दर्शाता दृश्य

सरकारी क्षेत्र की कोयला उत्पादक कंपनी Coal India Limited की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई Bharat Coking Coal Limited (BCCL) 9 जनवरी को अपना Initial Public Offering (IPO) लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए नियामक के पास रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है।

यह IPO वर्ष 2026 का पहला मेनबोर्ड सार्वजनिक निर्गम माना जा रहा है और इसे सरकार की विनिवेश नीति के तहत लाया जा रहा है।

IPO पूरी तरह Offer For Sale

RHP के अनुसार, यह IPO पूरी तरह Offer For Sale (OFS) होगा। इसके तहत Coal India Limited अपनी हिस्सेदारी का लगभग 10 प्रतिशत, यानी करीब 46.57 करोड़ इक्विटी शेयर, बाजार में बेचेगी।
इस इश्यू से मिलने वाली राशि कंपनी को नहीं मिलेगी, बल्कि पूरी रकम Coal India को प्राप्त होगी।

IPO से जुड़ी प्रमुख तारीखें

  • 8 जनवरी: एंकर निवेशकों के लिए बोली
  • 9 जनवरी: IPO आम निवेशकों के लिए खुलेगा
  • 13 जनवरी: सब्सक्रिप्शन की अंतिम तारीख

कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर की जाएगी।

कर्मचारियों और शेयरधारकों के लिए आरक्षण

IPO में कंपनी के कर्मचारियों और पात्र शेयरधारकों के लिए अलग से कोटा तय किया गया है। कर्मचारियों को निर्धारित छूट पर शेयर आवंटित किए जाएंगे।

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कंपनी का कारोबार

Bharat Coking Coal Limited देश की प्रमुख कॉकिंग कोल उत्पादक कंपनियों में शामिल है। कंपनी का मुख्य काम कॉकिंग कोल और नॉन-कॉकिंग कोल का खनन और आपूर्ति है। इसका कोयला मुख्य रूप से स्टील उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र में उपयोग होता है।

BCCL झारखंड क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खनन कार्य करती है और Coal India के कुल उत्पादन में इसकी अहम भूमिका है।

सरकार की रणनीति का हिस्सा

विशेषज्ञों के अनुसार, BCCL का IPO सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में आंशिक हिस्सेदारी बाजार में उतारी जा रही है। इससे सरकार को राजस्व प्राप्त होगा और कंपनी को बाजार में स्वतंत्र पहचान मिलेगी।

निवेशकों के लिए संकेत

बाजार जानकारों का कहना है कि BCCL का स्थिर कारोबार और कोर सेक्टर से जुड़ाव इसे दीर्घकालिक निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाता है। हालांकि, निवेशकों को प्राइस बैंड और कंपनी के वित्तीय विवरण देखने के बाद ही निवेश का फैसला करने की सलाह दी जा रही है।

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मथुरा में सामूहिक आत्महत्या से हिला गांव: पति-पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जहर खाकर मौत, सुसाइड नोट और वीडियो मिले

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मथुरा के खप्परपुर गांव में एक घर के बाहर जमा भीड़ और तैनात पुलिस बल, जहां पति-पत्नी और तीन बच्चों की सामूहिक आत्महत्या की घटना सामने आई।

मथुरा जिले में एक ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में मंगलवार सुबह पति, पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के शव घर के कमरे में मिले। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी ने दूध में जहर मिलाकर सेवन किया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया।

सुबह देर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ खुलासा
जानकारी के मुताबिक, यह परिवार सोमवार रात सामान्य रूप से घर में मौजूद था। मंगलवार सुबह जब घर का दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे के अंदर पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव पड़े मिले।

दूध में मिलाया गया जहर, पोस्टमार्टम से होगी पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने रात में दूध में जहर मिलाकर पिया था। हालांकि, मौत के सटीक कारण और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

दीवार पर लिखा सुसाइड नोट, वीडियो भी मिला
एसएसपी श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि जिस कमरे में यह घटना हुई, वहां दीवार पर लिखा मिला है कि परिवार अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मृतक द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी पुलिस को मिला है। सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और उन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मृतकों की पहचान और गांव में मातम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पति मनीष, पत्नी सीमा और उनके तीन बच्चे शामिल हैं—एक बेटा और दो बेटियां। घटना की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतक के घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

आत्महत्या के कारणों पर सस्पेंस
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आर्थिक, पारिवारिक या अन्य किसी दबाव की बात अभी पुष्टि के साथ सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और गांव के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और वीडियो की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। इस घटना ने न सिर्फ खप्परपुर गांव, बल्कि पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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