Ayushman Card New Rules 2026: देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक आयुष्मान भारत (PM-JAY) के कार्ड धारकों के लिए नए साल के साथ एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर दिया गया है। सरकार ने योजना से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए अब आधार-आधारित e-KYC (Electronic Know Your Customer) को अनिवार्य कर दिया है। इस कदम का असर लाखों लाभार्थियों और उनके मुफ्त इलाज की सुविधा पर सीधे पड़ेगा।
आधार e-KYC अब अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत आयुष्मान कार्ड बनवाने और अपडेट करने के लिए अब आधार e-KYC की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। इसका मतलब यह है कि केवल नाम और मोबाइल नंबर से कार्ड बनाना अब संभव नहीं होगा। लाभार्थियों को अपने आधार की जानकारी सत्यापित करानी होगी।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से योजना के सत्यापित लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित होगी और फर्जी कार्ड बनाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
फर्जी कार्डों पर कार्रवाई और इलाज की शर्त
पिछले कुछ समय में योजना से जुड़े कई फर्जी या संदिग्ध कार्डों का पता चला है। अब जो कार्ड e-KYC पूरा नहीं करेंगे, उन पर इलाज की सुविधा में भी रोक लग सकती है।
इसका मतलब है कि मरीजों को अस्पताल में इलाज से पहले अपने कार्ड की सत्यापित स्थिति दिखानी होगी। अगर आधार से लिंक या e-KYC पूरी नहीं है, तो इलाज की सुविधा में असुविधा हो सकती है।
परिवार में नए सदस्यों को जोड़ने की प्रक्रिया में बदलाव
पहले आयुष्मान कार्ड में परिवार के नए सदस्यों को जोड़ना अपेक्षाकृत सरल था। नई व्यवस्था के तहत अब यह केवल तभी संभव है जब सभी पात्र सदस्य e-KYC पूरी कर चुके हों। इससे मनमाने नाम जोड़ने की प्रवृत्ति कम होगी और योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। पिछले कुछ वर्षों में योजना से जुड़े फर्जी और संदिग्ध कार्डों के कारण संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है।
अब नए नियम लागू होने के बाद योजना के डिजिटल डेटा की गुणवत्ता और सत्यापन प्रक्रिया में सुधार होगा।
लाभार्थियों के लिए सलाह
- जो लोग पहले से कार्ड धारक हैं, वे जल्द से जल्द अपना e-KYC स्टेटस चेक करें।
- नए कार्ड बनवाने वाले लाभार्थियों के लिए e-KYC करना अनिवार्य है।
- आधार से लिंक में कोई गलती या विसंगति होने पर इलाज की सुविधा प्रभावित हो सकती है।