मैक्सिको में अचानक कांपी धरती, लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच क्यों रोकना पड़ा राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम का कार्यक्रम?

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Javed Haider Zaidi

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मैक्सिको में तेज भूकंप के दौरान राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम का प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में रोका गया, राजधानी मैक्सिको सिटी में दहशत का माहौल

मैक्सिको सिटी: गुरुवार को मैक्सिको में आए शक्तिशाली भूकंप ने एक बार फिर देश की भूकंपीय संवेदनशीलता को उजागर कर दिया। रिक्टर स्केल पर 6 से अधिक तीव्रता वाले इस भूकंप के झटके इतने तेज़ थे कि राजधानी मैक्सिको सिटी समेत कई क्षेत्रों में लोगों में अफरा-तफरी मच गई। भूकंप उसी समय आया जब राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम मीडिया को संबोधित कर रही थीं, जिसके चलते उनका प्रेस कॉन्फ्रेंस अचानक रोकना पड़ा।

लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांपी ज़मीन

भूकंप के झटके उस वक्त महसूस किए गए जब राष्ट्रपति एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश से जुड़े अहम मुद्दों पर बात कर रही थीं। अचानक हॉल में मौजूद लोगों ने ज़मीन हिलती हुई महसूस की। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कार्यक्रम को तुरंत रोक दिया गया और राष्ट्रपति समेत सभी अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। कुछ ही पलों में इस घटना के दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

सायरन बजते ही सड़कों पर उतरे लोग

भूकंप के झटके महसूस होते ही राजधानी और आसपास के इलाकों में आपातकालीन सायरन बजने लगे। लोग अपने घरों, दफ्तरों और शॉपिंग मॉल से बाहर निकल आए। कई स्थानों पर लोग खुले मैदानों और सड़कों पर जमा हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ सेकंड के झटकों ने ही लोगों में भय पैदा कर दिया।

जानमाल के नुकसान की जांच जारी

प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी बड़े जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन भवनों, पुलों और सार्वजनिक ढांचे की जांच का काम शुरू कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन एजेंसियों और राहत दिखों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

भूकंप के बाद प्रशासन हुआ सक्रिय

भूकंप के तुरंत बाद स्थानीय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां हरकत में आ गईं। प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति, संचार नेटवर्क और परिवहन व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी सूचनाओं पर भरोसा करें।

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भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है मैक्सिको

विशेषज्ञों के अनुसार, मैक्सिको भूकंप संभावित क्षेत्रों में आता है क्योंकि यह प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र के करीब स्थित है। इससे पहले भी देश में कई बार विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं, जिनमें हजारों लोगों की जान गई थी और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ था। इसी कारण हर भूकंप के बाद प्रशासन अधिक सतर्कता बरतता है।

राष्ट्रपति का जनता के नाम संदेश

भूकंप के बाद राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम ने बयान जारी कर कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने जनता से शांत रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और आपात दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कहीं नुकसान की सूचना मिलती है तो राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

आफ्टरशॉक की आशंका, निगरानी जारी

भूकंप विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि आने वाले घंटों में हल्के आफ्टरशॉक महसूस किए जा सकते हैं। इसी को देखते हुए भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और संवेदनशील इमारतों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

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इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान की कड़ी चेतावनी: खाड़ी देशों पर मंडराया विकिरण का खतरा

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ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके महत्वपूर्ण परमाणु संयंत्र पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं, जिसके गंभीर परिणाम पूरे खाड़ी क्षेत्र को भुगतने पड़ सकते हैं।

बुशहर परमाणु संयंत्र पर हमले का दावा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर अब तक चार बार हमला किया है। उनका कहना है कि यदि इन हमलों के कारण रेडियोएक्टिव फॉलआउट (विकिरण का प्रसार) होता है, तो इसका असर ईरान की राजधानी तेहरान से ज्यादा खाड़ी देशों पर पड़ेगा।

खाड़ी देशों के लिए बड़ी चेतावनी

ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि संभावित विकिरण का असर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे देशों की राजधानियों तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में वहां “जीवन पूरी तरह समाप्त हो सकता है”, जो पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ईरान का दावा: अमेरिका को हुआ नुकसान

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में अमेरिकी सैन्य ताकत को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। ईरानी पक्ष के अनुसार, उन्होंने अमेरिका के दो फाइटर जेट, एक A-10 एयरक्राफ्ट, कई हेलीकॉप्टर, दो MQ-9 ड्रोन और कई क्रूज मिसाइलों को मार गिराया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

पश्चिमी देशों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप

अब्बास अराघची ने पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की स्थिति पर पश्चिमी देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन ईरान के परमाणु संयंत्र पर हमलों को लेकर वही संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही।

क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु संयंत्रों पर हमले न केवल सैन्य बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद खतरनाक होते हैं। यदि विकिरण फैलता है, तो इसका असर सीमाओं से परे जाकर लाखों लोगों के जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

स्थायी समाधान की मांग

ईरान ने कहा है कि उस पर यह युद्ध थोपा गया है और वह इसका “स्थायी और सशर्त समाधान” चाहता है। ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्थायी युद्धविराम से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति और कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं।

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