नई दिल्ली: सऊदी अरब की यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए एक अहम नियम लागू किया गया है। अब अगर कोई यात्री अपने साथ दवाइयां लेकर सऊदी अरब (Saudi Arabia)
जा रहा है, तो उसे यात्रा से पहले ऑनलाइन क्लीयरेंस लेना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था उन दवाइयों पर लागू होगी जो सऊदी अरब के कानून के तहत नियंत्रित या सीमित श्रेणी में आती हैं।
बिना अनुमति ले जाना पड़ सकता है भारी
नए नियम के अनुसार, जिन भारतीय यात्रियों के पास ऐसी दवाइयां पाई जाती हैं जिनकी पहले से अनुमति नहीं ली गई है, उन्हें हवाई अड्डे पर पूछताछ, दवा जब्ती या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सऊदी प्रशासन का मानना है कि यह कदम स्वास्थ्य सुरक्षा और ड्रग कंट्रोल को मजबूत करने के लिए जरूरी है।
किन दवाइयों पर लागू होगा नियम
जानकारी के मुताबिक, यह नियम विशेष रूप से नशीली, मानसिक प्रभाव डालने वाली और कुछ दर्द निवारक दवाइयों पर लागू होगा। कई ऐसी दवाइयां जो भारत समेत अन्य देशों में सामान्य मानी जाती हैं, सऊदी अरब में सख्त नियमों के दायरे में आती हैं।
ऑनलाइन प्रक्रिया से मिलेगी राहत
यात्रियों को अब सऊदी अरब के अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी दवाइयों की जानकारी पहले से अपलोड करनी होगी। इसमें दवा का नाम, मात्रा, डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन और यात्रा से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। मंजूरी मिलने के बाद ही दवाइयों को साथ ले जाने की अनुमति होगी।
यात्रा से पहले जांच जरूरी
विशेषज्ञों की सलाह है कि सऊदी अरब जाने से पहले यात्री यह जरूर जांच लें कि वे जो दवाइयां साथ ले जा रहे हैं, वे वहां के नियमों के अनुसार वैध हैं या नहीं। समय रहते ऑनलाइन अनुमति लेने से एयरपोर्ट पर किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।
हज और उमराह यात्रियों के लिए भी अहम
यह नियम खास तौर पर हज और उमराह पर जाने वाले यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग लंबे इलाज से जुड़ी दवाइयां अपने साथ लेकर जाते हैं। प्रशासन का कहना है कि नियम का पालन करने से यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रक्रिया भी सुचारु रहेगी।